मोदीनगर । शहर की कई सामाजिक संस्थाओं से जुड़े सामाजिक कार्यकतार्ओं ने निजी चिकित्सकों के क्लीनिक व नर्सिंगहोम आदि खुलवायें जाने व ओपीडी सुविधा सुचारू कराऐ जाने की मांग को लेकर डीएम को संबोधित एक ज्ञापन तहसीलदार को सौपा। नीजी डाक्टरों द्वारा आपदा के दौरान अपने क्नलीनिक व नर्सिंगहोम बंद किए जाने से क्षुब्ध अनेक सामाजिक संगठनों से जुड़े कार्यकतार्ओं ने डीएम अजय शंकर पाण्डेय को संबोधित एक ज्ञापन तहसीलदार उमाकान्त तिवारी को सौपा। कार्यकतार्ओं को नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप बोस ने कहा कि नीजी डाक्टरों द्वारा ओपीडी नही किए जाने से अब तक दर्जनों मौते हो चुकी है। पूर्व में भी कई बार इस संबन्ध में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन बाबजूद इसके अभी तक भी नीजी चिकित्सक काम पर नही लौट रहे है। जिससे शहर व ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भारी दिक्क्त का समाना करना पड़ रहा है। बोस ने कहा कि गतदिनों पूर्व शासन ने आदेश जारी कर कहा था कि प्राइवेट डाक्टर प्रतिदिन की भांति ही ओपी डी सुचारू रखें। परंतु डाक्टरों के सिर पर जू नही रेंगी। जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। तहसीलदार ने इस संबन्ध में डीएम को अवगत कराऐ जाने की बात कही है। इस दौरान अमित कराते, रोहित, डॉ0 अनुज अग्रवाल, अमित गर्ग, मनीष अग्रवाल, राजेश चैधरी, मुकेश फफराना, विमल शर्मा, आदि मौजूद रहें।
निजी चिकित्सकों को ओपीडी शुरू कराऐं जाने की मांग को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन सौपा